Madhya Pradesh: बंद घर और सुनसान सड़कें… मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के इस गांव में हर साल मकर संक्रांति पर सन्नाटा पसर जाता है, क्योंकि यहां के सभी लोग कुछ समय के लिए गायब हो जाते हैं। जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर, कालबेलिया डेरा – जो नाथ समुदाय के लगभग 200 परिवारों का घर है – पूरी तरह से वीरान हो जाता है, मानो गांव में कर्फ्यू लगा हो।
निवासियों के मुताबिक ये पुरानी परंपरा है, जिसके तहत पूरा गांव – महिला-पुरुष और बच्चे तक – पास के कस्बों में भीख मांगने चले जाते हैं। ये प्रथा यहां पीढ़ियों से चली आ रही है। जैसे-जैसे गांव खाली होता जाता है, रोजमर्रा की जिंदगी थमने लगती है। स्कूल में कक्षाएं खाली हो जाती हैं, उपस्थिति जीरो हो जाती है, क्योंकि पूरा परिवार मिलकर इस परंपरा में हिस्सा लेता है।
कालबेलिया डेरा के नाथ समुदाय के लिए मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि ऐसी पुरानी परंपरा को जारी रखने का मौका है, जिसने सालों-साल यहां के लोगों की जिंदगी को आकार दिया है।