Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की महू तहसील में दूषित पानी पीने से करीब दस लोग बीमार हो गए हैं। इस सिलसिले में पट्टी बाजार और चंदर मार्ग इलाकों से पीलिया और टाइफाइड के मामले सामने आए हैं।
ये मामला पिछले महीने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों के बाद सामने आया है। महू के लोगों का आरोप है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है।
लोगों के मुताबिक पिछले 10 से 15 दिनों में बच्चे बीमार पड़े हैं। घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में है और पीलिया या टाइफाइड के लक्षण वाले लोगों की पहचान करने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
छावनी बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि मुख्य जल आपूर्ति सुरक्षित है, हालांकि नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। बोर्ड का आरोप है कि दूषित पानी स्थानीय लोगों द्वारा खुद बिछाई गई पाइपलाइनों से आ रहा है। पिछले महीने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी के दूषित होने से कई लोग बीमार पड़े और सात लोगों की मौत हो गई।
इलाके के निवासियों का दावा है कि दूषित पानी से हुई बीमारी के प्रकोप से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 15 जनवरी को उच्च न्यायालय में पेश रिपोर्ट में पांच महीने के एक बच्चे समेत सात मौतों का उल्लेख किया गया।