Indore: जल प्रदूषण मामले में सीएम मोहन यादव सख्त, अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश

Indore: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दूषित पेयजल से फैले दस्त और उल्टी के प्रकोप के मद्देनजर इंदौर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए, जिनमें एक अतिरिक्त आयुक्त का तत्काल तबादला भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के दूसरे हिस्सों में भी सुधारात्मक कदम उठा रही है और अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने का आदेश दिया गया है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इंदौर के लोगों का दावा है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले प्रकोप के कारण छह महीने के बच्चे समेत 15 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि प्रकोप के कारण केवल चार मौतें हुई हैं।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उन्हें 10 मौतों की जानकारी मिली है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि दूषित पेयजल समस्या पर हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने इंदौर के अतिरिक्त आयुक्त को तत्काल हटाने और प्रभारी अधीक्षक अभियंता से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लेने का आदेश दिया है। यादव ने कहा कि उन्होंने नगर निगम में तत्काल जरूरी नियुक्तियां करने के भी आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पेयजल समस्या पर राज्य सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की और जरूरी आदेश जारी किए।

बैठक में शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। यादव ने कहा, “इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण हुई दुखद घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बाद, हम राज्य के अन्य हिस्सों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।”

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के आधार पर आईएमसी के एक जोनल अधिकारी और एक सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और एक प्रभारी उप-इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले नौ दिनों में भागीरथपुरा में 1,400 से अधिक लोग उल्टी और दस्त से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास, जहां शौचालय का निर्माण किया गया है, वहां मुख्य पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव पाया गया, जिससे पानी दूषित हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *