Bhopal: मध्य प्रदेश के भोपाल की सड़कों पर लगभग हर रोज एक खास एक्टिवा दिखती है, एक्टिवा सवार बच्चों से मुफ्त पढ़ाई करने की अपील करता है, यह है ‘एजुकेशन एक्सप्रेस’। संशोधित एक्टिवा ‘स्कूटर स्कूल’ के नाम से मशहूर हो चुकी है। इसे पेशे से मैकेनिक विजय अय्यर ने बनाया है, विजय अय्यर गरीब बस्तियों में घूम-घूम कर बच्चों में किताबें, स्टेशनरी और खिलौने बांटते हैं।
विजय ने तीन साल पहले एक्टिवा पर स्टोरेज बॉक्स बनाया। दूसरे सामानों के साथ इसमें लैपटॉप भी होता है। विजय इनके साथ आंगनबाड़ियों और झुग्गी-झोपड़ियों में जाते हैं और उन बच्चों को पढ़ाते हैं, जिनके लिए पढ़ना-लिखना दूर की कौड़ी है।
विजय को काफी उत्साही स्टूडेंट मिले हैं, वह भविष्य के लिए बड़े सपने बुन रहे हैं, विजय को उम्मीद है कि ये सिलसिला लंबे समय तक जारी रहेगा। वह ज्यादा से ज्यादा बच्चों को पढ़ाएंगे और दूसरों को भी शिक्षा प्रसार के लिए प्रेरित करेंगे।
‘स्कूटर स्कूल’ संचालक विजय ने बताया कि “मैं उतना ही कमाता हूं जितना मुझे जीवित रहने के लिए चाहिए।मैं बाकी समय इन बच्चों के लिए कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे लोग पढ़े।और मध्य प्रदेश की साक्षरता दर बढ़े। बच्चे बड़े होकर कुछ बनना है और यही मेरी दादी का लक्ष्य था कि बच्चे लोगों को पढ़ाया जाए।
इसके साथ ही कहा कि “पहले बहुत कम बच्चे स्कूल जा रहे थे, लेकिन जब से मैंने यह काम शुरू किया है, हमने यहां एक मैडम भी हायर की है, मुझे यहां का किराया मेरी दादी से मिलता है जो मुंबई में रहती हैं। यहां लगातार पढ़ाई होती है, जिससे बच्चे अच्छे से पढ़ाई करने के लिए मोटिवेट भी होते रहते हैं। पढ़ते रहते हैं और बच्चों की जरूरी सामग्री भी हमारे माध्यम से दी जाती हैं।