Udhampur: गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले किश्तवाड़ और उधमपुर में तीन आतंकवादी मारे गए

Udhampur: जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ के बर्फ से ढके चतरू क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया, जबकि दो अन्य (जैश-ए-मोहम्मद के एक स्वघोषित शीर्ष कमांडर) आज सुबह उधमपुर जिले में मारे गए।

सुरक्षा बलों की यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय केंद्र शासित प्रदेश के दौरे से पहले मिली है। किश्तवाड़ क्षेत्र में आतंकवादियों की निरंतर खोज और उनके खात्मे के लिए घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में तलाशी अभियान के दौरान कई मुठभेड़ें हुई हैं।

इसी क्रम में आज शाम लगभग 5.45 बजे किश्तवाड़ के दिच्छर क्षेत्र में ‘काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा’, व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा संचालित संयुक्त अभियान (त्राशी-1) में आतंकवादियों से सामना हुआ। सेना के व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया, ‘‘एक आतंकवादी को सफलतापूर्वक मार गिराया गया है। अभियान जारी है।’’

अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ फिर से तब शुरू हुई जब एक संयुक्त दल चिंगम जंगल के संजिनाला-दिच्छर में तलाशी अभियान संचालित कर रहा था। उधमपुर में, मंगलवार शाम को एक गुफा में फंसे दो पाकिस्तानी आतंकवादी रुबानी उर्फ अबू मविया और उसके करीबी साथी जुबैर को 20 घंटे लंबे अभियान में मार गिराया गया।

जब सुरक्षा बलों ने गुफा पर धावा बोला तो जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। एक आतंकवादी का शव गुफा के मुहाने पर पड़ा मिला, जबकि दूसरे का शव गुफा के अंदर पड़ा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को शाम करीब चार बजे रामनगर-बसंतगढ़ क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में गहन तलाश अभियान के दौरान सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त बलों ने आतंकवादियों का पता लगाया, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई। सेना ने 20 घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान को ‘किया’ नाम दिया और कहा कि यह अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन इलाका अब भी निगरानी में है।

सेना की व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पुलिस से मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर ‘काउंटर इंटेलिजेंस फोर्स डेल्टा’ और ‘व्हाइट नाइट कोर’ के जवानों ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर बसंतगढ़ के जाफर जंगल में एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान चलाया। इस दौरान घेराबंदी को मजबूत किया गया ताकि आतंकवादी भाग न सकें।’’ पोस्ट में कहा गया, “कल आतंकवादियों से सामना होने के बाद उन पर कड़ी नजर रखी गई। सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई के बाद दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। इस अभियान में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सामरिक सटीकता और उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता देखने को मिली।”

अधिकारियों ने बताया कि मारे गये आतंकवादियों के पास से एक एम4 कार्बाइन और एक एके असॉल्ट राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। जाफड़, गुजराड़ा और चिगला बलोता के जंगलों में एक घंटे से अधिक समय तक भीषण गोलीबारी और विस्फोट हुए, जिसमें एक आतंकवादी घायल हो गया, हालांकि वह अपने साथी के साथ गुफा के अंदर चला गया।

अधिकारियों के मुताबिक, शाम लगभग साढ़े सात बजे आतंकवादियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की और इस दौरान इलाके में फिर से गोलीबारी और जोरदार धमाके हुए। उन्होंने बताया कि इसके बाद घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए पैराट्रूपर्स और श्वान दस्ते समेत सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया। यह 15 दिसंबर के बाद उधमपुर में दूसरी मुठभेड़ थी, जब सौन गांव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी।

हालांकि, घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी भाग गए थे। जनवरी में कठुआ जिले में तीन और किश्तवाड़ के चातरू वन क्षेत्र में पांच मुठभेड़ हुईं जिनके परिणामस्वरूप कठुआ में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान को ढेर किया गया और किश्तवाड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया, ये मुठभेड़ जम्मू क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे गहन अभियानों के बीच हुईं।

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