Jammu-Kashmir: जम्मू के आरएस पुरा कस्बे में सुबह होते ही कोहरे के आलम में यहां के युवाओं का समूह सेना में भर्ती होने की तैयारी के लिए मैदान में इकट्ठा हो जाते हैं।
कड़ाके की ठंड में सूर्योदय से पहले जब ज्यादातर लोग नींद में होते हैं, उस वक्त ये युवा कसरत करके अपने शरीर को मांजते हैं ताकि फौज में भर्ती होने के लिए जरूरी फिटनेस मानकों को हासिल कर सकें।
युवाओं को एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी प्रशिक्षित देते हैं और उन्हें फौज में शामिल होने की कवायद में अपना अनुभव भी साझा करते हैं।
कोच कप्तान शेर सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि “कड़ाके की ठंड कुछ नहीं हैं, मैं अर्ली इन द मोर्निंग चार बजे उठता हूं उसके बाद नहा-धोकर दाड़ी और ब्रश करके यहां पर इनके साथ मैं भी भागता हूं। आपको पता है फौज में जाना हो या आईटीबीपी या बीएसएफ में किसी भी फोर्स में जाना हो तो आपको 20-25 फुट बर्फ पड़ती है, वहां पर रहना पड़ता है। आपने ग्लेशियर का नाम सुना होगा वहां पर भी हमारी आर्मी आगे फार्वर्ड में रहती है। तो ठंड कोेई नहीं है।”
फौज में शामिल होने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए ये सुबह-सुबह की ड्रिल महज साधारण अभ्यास नहीं हैं, बल्कि वर्दी पहनने और देश का रक्षक बनने के उनके सपनों को साकार करने की दिशा में पहला कदम हैं।