जानें पेन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

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पेन का इस्तेमाल हम सभी ने अपने बचपन में किया है। इतना ही नहीं, बड़े होने के बाद भी लोग पेन का इस्तेमाल करते हैं। रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली यह एक काफी जरूरी चीज है। तो चलिए आज हम आपको पेन से जुड़े कुछ मजेदार बातें बताते हैं-जो लोग पेन के आखिरी सिरे को चबाते है, वो ज्यादा क्रिएटिव होते है. 95 प्रतिशत लोग नया पेन खरीदने के बाद सबसे पहला शब्द अपना नाम लिखते हैं. जिस हाथ से आप लिखते है, उस हाथ की उंगलियों के नाखून ज्यादा तेजी से बढ़ते है. आपको जानकर हैरानी होगी कि  औसतन एक पेन लगभग 45,000 शब्द लिख सकता है। एक बालपॉइंट पेन की टिप/नोक एक हीरे के सामान ही हार्ड/कठोर होती है।हर साल 38 बिलियन बॉलपॉइंट पेन बनाने के बावजूद, चीन ने अभी तक साल 2017 तक घरेलू रूप से अपनी कलम युक्तियों का उत्पादन करने के लिए प्रौद्योगिकी हासिल नहीं की थी। अंतरिक्ष पेन का आधिकारिक नाम “AG-7″ है! पेन कैप्स यानि पेन के खोल हर साल लगभग 100 से अधिक लोगों की मौत का कारण बनते हैं! जी हाँ, लोग खेलते हुए पेन कैप्स को अपने मुंह में डाल लेते हैं और गलती से इसे निगल जाते हैं। अब तक का सबसे बड़ा बॉलपॉइंट कलम भारत में बना है। इसकी लंबाई 5.5 मीटर है और वजन 37.23 किलो है, और यह पूरी तरह से काम कर रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध में, पायलटों ने बॉलपॉइंट पेन का इस्तेमाल किया क्योंकि वे उच्च ऊंचाई पर रिसाव नहीं करते हैं। साल 1938 में, पहली बॉलपॉइंट पेन का आविष्कार हंगेरियन पत्रकार लाज़्लो बिरो ने किया था, हालांकि पहला पेटेंट साल 1888 में जॉन लॉउड का था।

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