Russia: रूस ने जासूसी के आरोपों की वजह से मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास में कार्यरत एक राजनयिक को बृहस्पतिवार को देश छोड़ने का आदेश दिया।
रूस की ओर से यह कदम रूसी खुफिया एजेंसी एफएसबी द्वारा दूतावास में कार्यरत अधिकारी का संबंध ब्रिटिश खुफिया एजेंसी से स्थापित करने के बाद उठाया गया। संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने कहा कि मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास में सचिव के पद पर कार्यरत गैरेथ सैमुअल डेविस ब्रिटेन की गुप्त सेवाओं के लिए काम कर रहे हैं।
रूस के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश दूतावास की प्रभारी डेने ढोलकिया को औपचारिक विरोध दर्ज कराने और संदिग्ध जासूस के दो सप्ताह के भीतर देश छोड़ने के आदेश से अवगत कराने के लिए तलब किया था।
रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘मॉस्को रूसी धरती पर ब्रिटिश विशेष सेवाओं के अघोषित एजेंटों की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ इसमें कहा गया है कि रूसी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति अपनाती है।
बयान के मुताबिक, ढोलकिया को स्मोलेंस्काया स्क्वायर (विदेश मंत्रालय) में तलब किया गया और उन्हें सूचित किया गया कि रूस के सक्षम अधिकारियों को जानकारी मिली है कि दूतावास में कार्यरत एक राजनयिक का ब्रिटिश खुफिया सेवाओं से संबंध है।
राजनयिकों के निष्कासन और जवाबी निष्कासन के पूर्व के मामलों के मद्देनजर रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि ब्रिटेन रूस में गुप्त रूप से काम कर रहे ब्रिटिश खुफिया अधिकारी को निकाले जाने के बाद तनाव बढ़ाने की कोई कार्रवाई करता है तो रूस अनुपातिक जवाब देगा।
रूस ने इससे पहले मार्च 2025 में जासूसी के आरोपों में दो ब्रिटिश राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। ब्रिटेन ने उन आरोपों को ‘‘दुर्भावनापूर्ण और निराधार’’ बताया था।