New Delhi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आयोजित निजी रात्रिभोज में शिरकत की. यह यात्रा खास इसलिए है क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली आधिकारिक भारत यात्रा है. 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पुतिन 4 दिसंबर की शाम दिल्ली पहुंचे.
इससे पहले वह आखिरी बार दिसंबर 2021 में भारत आए थे. इस बार भी उनकी प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.
पुतिन की यह यात्रा कूटनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है. दोनों देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने वाले समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. भारत और रूस के रिश्तों को नई मजबूती देने वाली यह यात्रा, अंतरराष्ट्रीय हालात और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
इस यात्रा का उद्देश्य लगभग आठ दशक पुरानी भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करना है, एक ऐसी साझेदारी जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल के बावजूद स्थिर बनी हुई है. दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य विषय रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगा.
व्लादिमीर पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने उनका यहां स्वागत किया. भारत और रूस के बीच हैदराबाद हाउस में भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। पीएम मोदी और पुतिन द्विपक्षीय बैठक में कई मसलों पर बात कर सकते हैं.