NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावोस में एक इंटरव्यू के दौरान की गई टिप्पणियों के बाद नाटो सहयोगी ब्रिटेन के साथ एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ट्रम्प ने दावा किया है कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो में शामिल दूसरे देशों के सैनिक मोर्चे से दूर रहे। साथ ही उन्होंने अपने उस पुराने दावे को भी दोहराया कि अगर अमेरिका उनसे मदद मांगेगा तो भी गठबंधन उसकी मदद के लिए नहीं आएगा।
ट्रंप की इन टिप्पणियों पर लंदन से तीखी प्रतिक्रिया मिली। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इन टिप्पणियों को “अपमानजनक और भयावह” बताया और अमेरिका पर हुए 9/11 हमलों के बाद अफगानिस्तान में जान गंवाने वाले 457 ब्रिटिश सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
स्टार्मर ने कहा कि सैनिकों बलिदान पर कभी सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रंप को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। यह विवाद नाटो के लिए एक संवेदनशील वक्त पर सामने आया है।
यह ताजा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप को ग्रीनलैंड को लेकर दी गई धमकियों के लिए आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ा है। अब, ट्रंप की हालिया टिप्पणियों से अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माने जाने वाले ब्रिटेन के साथ संबंधों में तनाव और बढ़ने का खतरा है।