Islamabad: अमेरिका और ईरान, पश्चिम एशिया में हफ्तों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के मकसद से इस्लामाबाद में बातचीत के लिए तैयार हो रहे हैं। ईरान ने 10 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा है। इसमें प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने, क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं की वापसी और ईरान की जब्त संपत्तियों को जारी करने की मांग की गई है।
इसमें ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की मान्यता, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और युद्ध के मुआवजे की मांग भी है। भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की गारंटी भी अहम मांग है।
इसके उलट अमेरिका की 15 सूत्रीय योजना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त नियंत्रण लगाने पर जोर देती है। इसमें यूरेनियम संवर्धन पर कड़े नियंत्रण और मजबूत अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की बिना रोक टोक आवाजाही भी पक्की करना चाहता है।
हालांकि मुख्य मतभेद अब भी बने हुए हैं, जिसमें परमाणु अधिकार, क्षेत्रीय प्रभाव और बेहद अहम वैश्विक तेल मार्ग पर नियंत्रण का मसला शामिल है। दोनों पक्षों की ओर से रखी गईं बिल्कुल उलट मांगों के बावजूद दुनिया की नजरें इस्लामाबाद वार्ता के नतीजों पर लगी हुई हैं।