Iran: अमेरिका-ईरान के बीच जुबानी जंग, बातचीत के भी संकेत

Iran:  ईरान में तनाव का दौर जारी है, दबाव दो ओर से है। देश के अंदर इस्लामी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है। देश के बाहर, अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है। वॉशिंगटन और तेहरान एक-दूसरे पर हमला करने और जवाबी कार्रवाई की धमकियां दे रहे हैं, हालांकि वे बातचीत के जरिये मुद्दा सुलझाने का संकेत भी दे रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान बातचीत करना चाहता है। उनका दावा है कि ईरान के नेतृत्व ने संपर्क किया है। साथ ही ट्रंप ने धमकी भी दी है कि अगर हालात और बिगड़े तो अमेरिका संभावित बैठक से पहले भी कार्रवाई कर सकता है।

इधर ईरान के भीतर अशांति जानलेवा होती जा रही है, विरोधियों को दबाने के लिए लगभग पूरी तरह से इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इस बीच, सरकार समर्थक हजारों लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं। इससे साफ है कि देश दो टुकड़ों में बंटा हुआ है।

ईरानी नेतृत्व का रुख कड़ा है, विदेश मंत्री का कहना है कि बेशक तेहरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। संसद अध्यक्ष ने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो उन्हें “जोरदार सबक” दिया जाएगा। ईरान ने ये भी चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है तो अमेरिकी और इजरायली सेनाएं वैध लक्ष्य होंगी। ईरान ने दोनों देशों पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।

ये सब ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान पिछले साल जून में इजराइल के साथ 12 दिन के युद्ध से उबर नहीं पाया है। युद्ध में अमेरिका ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध फिर से लागू हैं। इसके बाद से रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है।

सड़क पर हो रहे प्रदर्शनों और अमेरिकी दबाव के बीच, ईरान पर दबाव चरम पर है। ये तनाव बातचीत से खत्म होगा या युद्ध के मैदान में, आने वाले दिनों में ही इसका फैसला हो सकता है।

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