Iran: ईरान में पिछले हफ्ते से चल रहा विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. देश में बगावत की आग सुलग रही है. इस बीच प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार झड़पें भी सामने आ रही है. हालांकि, अब सामने आया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 हो गई है. एक हफ्ते से ज्यादा समय से चल रहे इन प्रदर्शनों में अब तक 1 हजार 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.
मरने वालों में 29 प्रदर्शनकारी, 4 बच्चे और ईरान की सुरक्षा बलों के दो सदस्य शामिल हैं. प्रदर्शनों में लगभग 250 पुलिसकर्मी और गार्ड के बसीज फोर्स के 45 सदस्य घायल हुए हैं. आर्थिक संकट के चलते लोगों में गुस्सा फूटा है. लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. जमकर नारेबाजी की जा रही है. सड़कों पर आगजनी की जा रही है. जहां एक तरफ देश में आशांति फैलती जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्या करता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा. हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि ट्रंप कैसे और क्या हस्तक्षेप करेंगे, लेकिन उनके बयान पर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया हुई. ईरान में हाल ही में हो रहे प्रदर्शन 2022 के बाद से सबसे बड़े बन गए हैं. साल 2022 में पुलिस हिरासत में 22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद देशभर में आंदोलन भड़क उठे थे.
हाल के वर्षों में ईरान को कई बार देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा है. देश पर प्रतिबंध सख्त होने और इजराइल के साथ 12 दिन के युद्ध के बाद देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई. दिसंबर में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर 1 डॉलर के मुकाबले 14 लाख तक पहुंच गई, जिसके तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के चलते ही लोगों का गुस्सा फूटा है.