France: फ्रांस के सांसदों ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे सितंबर में अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से इसके लागू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यूरोप में सोशल मीडिया मंचों के उपयोग के लिए न्यूनतम आयु निर्धारित करने का विचार जोर पकड़ रहा है।
इस विधेयक में हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध का प्रावधान है। नेशनल एसेंबली ने सोमवार देर रात विधेयक को 21 के मुकाबले 130 मतों से पारित कर दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विधेयक को जल्द पारित करने का अनुरोध किया है और अब आने वाले हफ्तों में इस पर सीनेट में चर्चा की जाएगी।
मतदान के बाद मैक्रों ने कहा, ‘‘15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध: यही वैज्ञानिकों की सिफारिश है, और यही फ्रांस की जनता की भारी मांग है। क्योंकि हमारे बच्चों का दिमाग बिक्री के लिए नहीं है – न तो अमेरिकी मंचों और न ही चीनी नेटवर्क के लिए। उनके सपनों को एल्गोरिदम द्वारा निर्देशित नहीं किया जाना चाहिए।’’
यह मुद्दा विभाजित नेशनल एसेंबली के सामने मौजूद उन कुछ विषयों में से एक है जिसे व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। हालांकि वामपंथी खेमे के आलोचकों ने विधेयक के प्रावधानों को नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की है।
संसद भंग करने के राष्ट्रपति के फैसले से फ्रांस में राजनीतिक संकट पैदा होने के बीच मैक्रों ने इस प्रतिबंध का पुरजोर समर्थन किया है। यह प्रतिबंध मैक्रों के पद से हटने से पहले उनके नेतृत्व में लागू किए जाने वाले अंतिम अहम उपायों में से एक हो सकता है। फ्रांस की सरकार ने इससे पहले सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध संबंधी कानून पारित किया था।