Donald Trump: एक महीने पहले ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों की शुरुआत के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बदलते रुख ने अमेरिकियों और दुनिया के लोगों को काफी हैरान कर दिया है। ईरान के साथ अमेरिका के चल रहे युद्ध के दौरान, ट्रंप ने रणनीति, सहयोगियों और तनाव बढ़ाने के संबंध में अलग-अलग बयान दिए हैं। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी काफी आलोचना हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इससे पहले अपने नाटो सहयोगियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में अमेरिका की मदद करने की अपील की थी लेकिन उसी वक्त उन्होंने यह भी घोषणा कर दी कि उन्हें नाटो की जरूरत नहीं है क्योंकि अमेरिकी सेना आत्मनिर्भर है।
पिछले महीने इसी तरह के एक और उलटफेर में ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर तेहरान ने 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला तो वो ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को “नष्ट” कर देंगे हालांकि उन्होंने जल्द ही समय सीमा बदल दी। पहले कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टाला और फिर ईरानी शासन के साथ चल रही बातचीत का हवाला देते हुए इसे और आगे बढ़ा दिया।
युद्ध पर ट्रंप की नियमित टिप्पणियों की राजनीतिक विश्लेषकों ने आलोचना की है। दुनिया भर के विद्वान उनके कदमों को बेहद “अप्रत्याशित” करार दे रहे हैं।