America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्वी कांगो में संघर्ष को खत्म करने और क्षेत्र के महत्वपूर्ण खनिज भंडारों को अमेरिकी सरकार और कंपनियों के लिए खोलने के मकसद से एक समझौते पर हस्ताक्षर करने पर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा के नेताओं की तारीफ की। इस मौके ने ट्रंप को एक बार फिर वैश्विक मंच पर खुद को एक असाधारण सौदागर के रूप में पेश करने और ये साबित करने का एक और मौका दिया कि वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं।
अमेरिकी नेता ने इस सम्मान को प्राप्त करने की अपनी इच्छा को लेकर कोई संकोच नहीं किया है। नेताओं द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर करने से कुछ समय पहले ट्रंप ने कहा, “यह अफ्रीका के लिए एक महान दिन है, दुनिया के लिए एक महान दिन है।” उन्होंने आगे कहा, “आज, हम वहां सफल हो रहे हैं, जहां बहुत से अन्य असफल रहे हैं।” ट्रंप ने कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी और रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे के साथ-साथ अन्य अफ्रीकी देशों के कई अधिकारियों का भी स्वागत किया, जो हस्ताक्षर के साक्षी बनने के लिए वाशिंगटन आए थे।
इसी हफ्ते उन्होंने युद्धग्रस्त देश सोमालिया का उपहास उड़ाते हुए कहा कि वो अमेरिका में पूर्वी अफ्रीकी देश के प्रवासियों को नहीं चाहते। व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप की मध्यस्थता में किए गए एक “ऐतिहासिक” समझौते के रूप में प्रशंसित त्सेसीकेदी और कागामे के बीच ये समझौता अमेरिका और अफ्रीकी संघ के साथ कतर सहित साझेदारों द्वारा महीनों से चल रहे शांति प्रयासों के बाद हुआ है और जून में हस्ताक्षरित एक पूर्व समझौते को अंतिम रूप देता है।
लेकिन ट्रंप द्वारा मध्यस्थता की गई शांति अनिश्चित है, मध्य अफ्रीकी देश कांगो दशकों से 100 से अधिक सशस्त्र समूहों के साथ संघर्ष से त्रस्त है, जिनमें सबसे शक्तिशाली रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही हैं। इस वर्ष संघर्ष और बढ़ गया, जब एम23 ने अभूतपूर्व रूप से क्षेत्र के प्रमुख शहरों गोमा और बुकावु पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे एक मानवीय संकट और गहरा गया, जो पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े संकटों में से एक था, जिसमें लाखों लोग विस्थापित हुए थे।
इस बीच संघर्षग्रस्त क्षेत्र में इस हफ्ते भी लड़ाई जारी रही, जहां विद्रोहियों और कांगो के सैनिकों तथा उनके सहयोगी बलों के बीच झड़पें हुईं। रिपब्लिकन ट्रंप अक्सर कहते रहे हैं कि उनकी मध्यस्थता से संघर्ष खत्म हो गया है। हालांकि कांगो के कुछ लोग कहते हैं कि ये सच नहीं है।
ट्रंप ने ये भी घोषणा की कि अमेरिका कांगो और रवांडा के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है जिससे अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच के नए अवसर खुलेंगे – ऐसे समझौते जिनसे तीनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा। ट्रंप ने कहा, “और हम अपनी कुछ सबसे बड़ी और बेहतरीन अमेरिकी कंपनियों को इन दोनों देशों में भेजने में शामिल होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “हर कोई खूब पैसा कमाएगा।”
महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध यह क्षेत्र ट्रंप के लिए दिलचस्पी का विषय रहा है क्योंकि वाशिंगटन लड़ाकू विमानों, मोबाइल फोन और अन्य चीज़ों के निर्माण के लिए ज़रूरी दुर्लभ मृदा खनिजों को हासिल करने के लिए चीन को गच्चा देने के रास्ते तलाश रहा है। दुनिया के लगभग 70 फीसदी दुर्लभ मृदा खनन में चीन का योगदान है और वैश्विक दुर्लभ मृदा प्रसंस्करण के लगभग 90 फीसदी पर उसका नियंत्रण है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “आज अमेरिका, कांगो और रवांडा के साथ अपने द्विपक्षीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर कर रहा है, जिससे अमेरिका के लिए जरूरी खनिजों तक पहुंच के नए अवसर खुलेंगे और सभी को आर्थिक लाभ होगा और हम इसमें शामिल होंगे। हम अपनी कुछ सबसे बड़ी और बेहतरीन कंपनियों को इन दोनों देशों में भेज रहे हैं और हम कुछ कीमती मृदा और कुछ दूसरी बेशकीमती चीजों को निकालकर उसका भुगतान करेंगे, जिससे सभी को बहुत पैसा मिलेगा।”