डोकलाम हमारा गैरविवादित इलाका, सड़क के बहाने भारत ने घुसपैठ की: चीन

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चीन के फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन का यह कमेंट भारत के होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह के बयान के जवाब में आया है।

बीजिंग/नई दिल्ली. चीन ने कहा है, “डोकलाम हमारा एक गैरविवादित इलाका है, हमारे सड़क निर्माण के बहाने इस एरिया में हुई भारत की घुसपैठ का कोई कानूनी आधार नहीं है और उसके तर्क बेतुके हैं।” चीन के फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग का यह कमेंट भारत के होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह के बयान के जवाब में आया है। बता दें कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम एरिया में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 3 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं।भारत तुरंत अपने सैनिकों को वापस बुलाए…

 

– न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक हुआ चुनयिंग ने मंगलवार को कहा, “डोकलाम विवाद को हल करने की पूर्व शर्त और आधार ये है कि भारत तुरंत और बिना शर्त रखे बॉर्डर से घुसपैठ करने वाले अपने सैनिकों को वापस बुलाए। साथ ही अपने इक्विपमेंट्स को भी हटाए।”
– उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि भारत अपनी गलत हरकतों और लफ्जों को सुधारने के लिए प्रैक्टिकल और पॉजिटिव एक्शन लेगा।”
– हुआ ने कहा, “चीन एक शांतिप्रिय देश है और हम निश्चित तौर पर शांति बरकरार रखना चाहते हैं। हम अपनी सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की भी हर हाल में रक्षा करेंगे। चीन किसी भी देश को अपनी क्षेत्रीय सम्प्रभुता का उल्लंघन नहीं करने देगा।”
अगर हम भारतीय सीमा में घुसे तो कोहराम मच जाएगा
– हुआ ने कहा, “अगर भारत की ही तरह दलील देकर हमारे सैनिक पड़ोसी के यहां घुस जाएं तो ‘भयंकर कोहराम’ मच जाएगा। भारत का यह तर्क हास्यास्पद है कि डोकलाम में सीमा पर चीन द्वारा सड़क बनाने से भारत को खतरा है। इस तर्क को बर्दाश्त करने से अंतर्राष्ट्रीय मानदंड (इंटरनेशनल नॉर्म्स) कमजोर होंगे।”
– “भारतीय सैनिकों ने चीन द्वारा सड़क बनाने को बहाना बनाकर गैरकानूनी तरीके से सीमा पार की है। अगर हम भारत की इस दलील को मान लेते हैं तो कोई भी जिसे अपने पड़ोसी का काम पसंद न हो तो वह अपने पड़ोसी के घर में घुस जाएगा। भारत सीमा पर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा खड़ा कर रहा है जो चीन के लिए खतरा है। तो क्या चीन को भारतीय क्षेत्र में घुस जाना चाहिए? अगर ऐसा होगा तो कोहराम मच जाएगा।”
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?
– राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा था, “हालांकि भारत आक्रामक नहीं है और वह कभी पहले हमला भी नहीं करेगा, लेकिन वह अपनी सिक्युरिटी से समझौता भी नहीं करेगा।” सिंह ने ये भी कहा था कि भारत को उम्मीद है कि चीन डोकलाम गतिरोध पर जल्द ही बातचीत की पहल करेगा। उन्होंने ये उम्मीद भी जताई थी कि बीजिंग इस मामले में एक पॉजिटिव कदम उठाएगा।
– सिंह के मुताबिक भारत एक ऐसा देश है जिसने कभी भी किसी दूसरे देश पर नजर नहीं डाली, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि भारत उस विस्तारवादी रवैये के सामने झुक जाएगा, जो पड़ोसी देश के लिए एक धमकी है।
क्या है डोकलाम विवाद?
– ये विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम एरिया में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है।
– इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।
भारत की क्या है चिंता?
– नई दिल्ली ने चीन से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा, भारत की सिक्युरिटी के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ी मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगी। इससे नॉर्थइस्टर्न स्टेट्स को भारत से जोड़ने वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा। लिहाजा भारत ने डोकलाम से अपनी सेनाएं बिना शर्त वापस बुलाने की चीन की मांग ठुकरा दी है।
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