Rapid Antigen Test वालों को फिर कराना होगा कोरोना का टेस्ट

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स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid Antigen Tests) वाले कोरोना के निगेटिव मामलों की दोबारा जांच की सलाह दी गयी है, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार पर अंकुश लगाने के तहत कोई पॉजिटिव मामला छूट न जाए। बताय़ा जा रहा है RT-PCR Test के माध्यम से निगेटिव मामलों की जांच की जाएगी।

हर जिले और राज्य स्तर पर एक नामित अधिकारी या टीम के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। ये टीमें जिलों और राज्यों में दैनिक रूप से किए गए Rapid Antigen Test के विवरणों से सुनिश्चित करेंगी कि लक्षण वाले सभी नकारात्मक मामलों की जांच में देरी न हो।

बता दें कि Rapid Antigen Test और RT-PCR दोनों से ही कोरोना वायरस की जांच की जाती है। और Rapid Antigen Test में निगेटिव आए लक्षण वाले मामलों का RT-PCR Test से जांच नहीं की जा रही है। जिस कारण अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने RT-PCR परीक्षण के दौरान पॉजिटिव मामलों की निगरानी के लिए नियमित आधार पर विश्लेषण करने की सलाह दी गई है। इसमें नाक और गले से स्वैब लिया जाता है।

Rapid Antigen Test का रिजल्ट आने में 20 मिनट का समय लगता है, जबकि RT-PCR टेस्ट का नतीजा 3-4 घंटे में आता है। Rapid Antigen Test में रिजल्ट अगर पॉजिटिव आता है तो इसकी विश्वसनीयता लगभग 100 फीसदी होती है, लेकिन निगेटिव मामलों में यह 30-40 फीसद ही कारगर है। इसलिए निगेटिव आने की स्थिति में RT-PCR Test कराने की सलाह दी जाती है।

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