Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में खिलाड़ियों, युवा कंटेंट क्रिएटर्स, स्किल उद्यमियों व स्टार्टअप से जुड़े युवाओं के साथ आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में संवाद किया। उन्होंने नववर्ष एवं आगामी बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक हरियाणा के भविष्य को गढ़ने की एक साझा प्रक्रिया है, जिसमें युवाओं की भूमिका निर्णायक है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में खिलाड़ियों, युवा कंटेंट क्रिएटर्स, स्किल उद्यमियों एवं स्टार्टअप से जुड़े युवाओं के साथ आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान देश-विदेश में बनाने में युवाओं और खिलाड़ियों का अतुलनीय योगदान रहा है। ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर राज्य को खेलों का पावर हाउस सिद्ध किया है। शैफाली वर्मा, नीरज चोपड़ा, नीरज गोयत, रानी रामपाल और फोगाट बहनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां युवाओं की संकल्प शक्ति, अनुशासन और कठोर परिश्रम का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का हरियाणा का युवा केवल खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्ट-अप, नवाचार, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में भी नई पहचान बना रहा है। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज का कंटेंट समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है। कंटेंट केवल वायरल न हो, बल्कि सकारात्मक, मूल्य-आधारित और राष्ट्र व समाज को दिशा देने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई डिजिटल तकनीकें अवसर बढ़ा रही हैं, लेकिन चरित्र और विज़न तकनीक से भी बड़े तत्व हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 1,961 करोड़ 79 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से अब तक 1,096 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष कुरुक्षेत्र में आयोजित बजट-पूर्व बैठक में प्राप्त 73 सुझावों में से 32 सुझावों को बजट 2025-26 में शामिल किया गया, जो युवाओं की भागीदारी का सशक्त प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन ओलंपिक 2036 विजयीभव योजना, खिलाड़ियों के लिए 20 लाख रुपये तक का मेडिकल बीमा कवर, नई खेल नर्सरियों की स्थापना, छात्रवृत्ति में वृद्धि, खेल स्टेडियमों की जी.आई.एस. मैपिंग, पी.पी.पी. मोड पर उत्कृष्टता केंद्र, आधुनिक आई.टी.आई., कौशल केंद्र और करियर काउंसलिंग जैसी अनेक पहले युवाओं के सुझावों का ही परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 16 हजार से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को 683 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं तथा 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतर शिक्षा और शोध को सशक्त बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया गया है। इसके साथ-साथ प्रत्येक जिले में मॉडल संस्कृति महाविद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधान वर्ष 2026-27 तक लागू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य की अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अगस्त 2025 में ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ की स्थापना की गई है। हरियाणा ए.आई. मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए विश्व बैंक द्वारा 474 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ बजट 2026-27 में शामिल किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अगले 8 से 10 दिनों में अपने अतिरिक्त सुझाव सरकार के चैटबॉट के माध्यम से भेजें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए विशेष आमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि वे इस प्रक्रिया के प्रत्यक्ष साक्षी बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के सहयोग से युवा नीतियों पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि नवाचार और स्टार्टअप को सही मार्गदर्शन मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि युवा रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने बताया कि जापान सहित कई देशों के निवेशकों ने हरियाणा में रुचि दिखाई है और राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा एक विचार पर काम करता है और उसे मुकाम तक पहुंचाने का साहस रखता है। कई युवाओं ने सीमित संसाधनों में अपने आइडिया को आगे बढ़ाया और आज वही आइडिया बड़े उद्योगों में परिवर्तित हो चुके हैं। सरकार ऐसे युवाओं के साथ हर कदम पर खड़ी है।उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ गठित किया गया है। इसके साथ-साथ कृषि, एफ.पी.ओ., प्राकृतिक खेती, महिला उद्यमिता तथा जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर नीतियां बनाई जा रही हैं। सांसदों और विधायकों से भी बजट के लिए सुझाव लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट सरकार या किसी चुनाव का नहीं, बल्कि 2 करोड़ 80 लाख हरियाणा वासियों का बजट है। इसी भावना के साथ बजट-पूर्व परामर्श की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप हरियाणा तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेलवे, हवाई सेवाएं और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाकर कोई भी शक्ति भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हरियाणा का युवा इस परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार है।