Jana Nayagan: ‘जन नायकन’ की लीक के मामले में छह लोग गिरफ्तार, 300 से अधिक पायरेसी लिंक किए गए ब्लॉक

Jana Nayagan: तमिलनाडु पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध शाखा ने विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ के सिनेमाघरों में रिलीज से पहले एचडी फॉर्मेट में अनधिकृत रूप से ऑनलाइन लीक होने के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। फिल्म की अलग-अलग डिजिटल प्लेटफार्मों पर पायरेसी के संबंध में एक औपचारिक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्य के साइबर अपराध जांच केंद्र ने मामला दर्ज किया और 12 अप्रैल को आरोपियों को गिरफ्तार किया।

खबरों के मुताबिक ये फिल्म 10 अप्रैल को ऑनलाइन लीक हो गई थी, जिससे बाद से सिनेमा जगत में काफी आक्रोश था। एच. विनोद द्वारा निर्देशित और केवीएन प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित इस फिल्म को व्यापक रूप से विजय की राजनीति में प्रवेश करने से पहले उनकी अंतिम सिनेमाई कृति के रूप में प्रचारित किया गया था।

एक अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, कॉपीराइट अधिनियम और सिनेमाटोग्राफ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया, “मामले की जांच चल रही है और इस स्तर पर गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम बताना संभव नहीं है।” साइबर अपराध शाखा के मुख्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि डिजिटल फोरेंसिक विश्लेषण करने और वितरण श्रृंखला का पता लगाने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया था।

जांच के बाद छह ऐसे व्यक्तियों की पहचान हुई जो कथित तौर पर क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से पायरेटेड प्रतियां अपलोड करने और प्रसारित करने तथा ड्राइव लिंक साझा करने में शामिल थे। बयान में कहा गया है, “आरोपियों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।”

व्यापक कार्रवाई के तहत इस संगठन ने 300 से अधिक उल्लंघनकारी लिंक के लिए किए गए अपीलों को अवरुद्ध करना शुरू कर दिया गया है। फिल्म के आगे प्रसार को रोकने के लिए टीमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वेबसाइटों और फाइल-शेयरिंग सेवाओं की निगरानी कर रही हैं।

पुलिस ने एक कड़ी चेतावनी भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि ‘जन नायकन’ या किसी भी कॉपीराइट वाली सामग्री की पायरेटेड कॉपी डाउनलोड करना, स्ट्रीम करना या साझा करना एक संज्ञेय अपराध है। बयान में आगे कहा गया है, “जो लोग जानबूझकर पायरेटेड सामग्री का प्रसार करते हैं या उसे बढ़ावा देते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (http://www.cybercrime.gov.in) के जरिए से या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके संदिग्ध लिंक की रिपोर्ट कर सकते हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच चल रही है।

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