Dharmendra: फिल्म निर्माता अनिल शर्मा ने दिवंगत कलाकार धर्मेंद्र को पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने पर उनके प्रशंसकों को बधाई दी लेकिन साथ ही कहा कि अभिनेता को उनके जीवित रहते ही बहुत पहले यह पुरस्कार मिल जाना चाहिए था।
‘गदर एक प्रेम कथा’ और ‘गदर-2’ जैसी सफल फिल्मों के निर्देशक अनिल ने सोमवार शाम सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर धर्मेंद की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘पद्म विभूषण मिलने पर धर्मेंद्र के हर प्रशंसक को हार्दिक बधाई। बस यही इच्छा है कि काश, यह सम्मान पहले मिला होता और वह इसे स्वयं स्वीकार कर पाते तो असीम खुशी होती लेकिन सच्चाई यही है…… कुछ विरासतें पुरस्कारों से कहीं बढ़कर होती हैं।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘धर्मेंद्र को दशकों से मिली मोहब्बत, सम्मान और प्रशंसा किसी भी उपाधि, पदक या पुरस्कार से कहीं बड़ी है।’’ धर्मेंद्र ने 60 वर्षों से भी अधिक समय तक फिल्मों में काम किया। उनका पिछले साल 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
‘सत्यकाम’, ‘जॉनी गद्दार’, ‘गुड्डी’, ‘शोले’ और ‘इक्कीस’ सहित 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है।
उनकी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ है, जो इस साल एक जनवरी को रिलीज हुई। श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित यह फिल्म अगस्त्य नंदा द्वारा अभिनीत अरुण खेतरपाल के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है। अरुण खेतरपाल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में बसंतर की लड़ाई के दौरान 21 साल की आयु में शहीद हो गए थे।