Yamuna ghat: दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी की सतह पर जहरीले झाग की मोटी परत फिर से दिखने लगी है। झाग नदी के बड़े हिस्से में फैले हुए हैं, नदी के किनारों पर भारी मात्रा में झाग जमा हैं और तटों से चिपके हुए हैं। उनमें धूल कण साफ दिख रहे हैं।
कुछ पर्यावरणविद् हर रविवार कालिंदी कुंज घाट की सफाई करते हैं। उनका दावा है कि यमुना का पानी दिसंबर और जनवरी में पिछले साल अक्टूबर में छठ पर्व से पहले के मुकाबले ज्यादा प्रदूषित है।
वे मानते हैं कि छठ के दौरान यमुना को साफ करने के लिए दिल्ली सरकार के उठाए कदम असरदार थे, लेकिन अगर उन्हें जारी रखा जाता, तो आज नदी बदहाल नहीं होती।
अर्थ वॉरियर्स संगठन के स्वयंसेवक यमुना घाटों पर प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं। इससे सेहत को गंभीर नुकसान की आशंका है। नदी के किनारे जहरीले झाग से बदबू फैल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने “प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करे” योजना के तहत 5,000 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा है। इसके बावजूद लोग कचरा सीधे नदी में फेंक रहे हैं।
स्वयंसेवकों का कहना है कि यमुना नदी का जहरीला झाग न सिर्फ इंसानी सेहत के लिए, बल्कि नदी की पारिस्थितिकी के लिए भी नुकसानदेह है। झाग की मोटी परत ऑक्सीजन और सूर्य की रोशनी को नदी तल तक पहुंचने से रोकती है। इससे पानी की गुणवत्ता खराब होती है।
पर्यावरण के जानकार यमुना में प्रदूषण को लेकर बार-बार चिंता जता रहे है। उन्होंने दिल्ली सरकार से नदी की लगातार सफाई करने और कचरा न फेंकने के लिए जागरूकता बढ़ाने की कोशिशें तेज करने की अपील की है।