Diwali: दिल्ली का भागीरथ प्लेस एशिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक बाजार माना जाता है। दिवाली से पहले यहां खरीदारों की संख्या बढ़ गई है, बाजार में पारंपरिक दियों से लेकर आधुनिक एलईडी लाइट्स, सजावटी लैंप और यहां तक कि नियॉन साइन तक के विकल्प मौजूद हैं।
इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स की कीमत सिर्फ 20 रुपये से 300-400 रुपये तक है। यही बात खरीदारों को लुभाती है। खरीदारों का कहना है कि “होल सेल मार्केट है, यहां वेराइटी मिल जाती है। काफी क्वालिटी मिल जाती है, जो अपने शहर में नहीं मिल पाती। तो उस वेराइटी के लिए आते हैं और रेट्स का तो ऑलरेडी सस्ता है ही। क्योंकि होल सेल मार्केट है। चाहे आप थोड़ा लीजिए, चाहे ज्यादा लीजिए। रेट में फर्क तो आता ही है।
इसके साथ ही दुकानदारों ने कहा कि “पहले से ग्राहक भी बढ़े हैं और वेराइटी भी बढ़ी है। नई-नई वेराइटी आ गई है। और उसमें लेजर लाइट हो गई। और उसमें डिस्प्ले वाली लाइट हो गई। रिमोट वाली लाइट हो गई। नई आइटम आई है और सबसे बड़ी है कि इंडिया खुद आत्मनिर्भर हो गया अब। रुद्रपुर में प्लांट लगे हैं बहुत एलईडी के। जो पहले चाइना से आता था ना, 70 परसेंट चाइना से कम आई है।”
चीन में बनी लाइट्स कम देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि सस्ते और डिजाइनदार होने के बावजूद कम ही खरीदार उन्हें पसंद कर रहे हैं, खरीदारों में मेड इन इंडिया उत्पादों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
कुछ दुकानदारों का कहना है कि इस साल अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद खरीदारों की संख्या में कमी आई है, दुकानदारों की सरकार से अपील है कि देसी एलईडी उद्योग को प्रोत्साहन दे, ताकि चीनी उद्योग से प्रतिस्पर्धा की जा सके। भारत में एलईडी की लागत ज्यादा होती है, तमाम चुनौतियों के बीच दिवाली से पहले भागीरथ प्लेस की रौनक बनी हुई है।