Delhi: उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और आम आदमी पार्टी (एएपी) के पूर्व नेता एचएस फूलका बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गए। फूलका ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों का प्रतिनिधित्व किया था। वे 2014 में ‘एएपी’ में शामिल हुए थे और पांच साल बाद 2019 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता एचएस फूलका ने कहा, “पंजाब में बढ़ती गुंडागर्दी, बार-बार फिरौती की मांग, ड्रग्स से बुरा हाल, कृषि की खराब होती हालत जैसी गंभीर चुनौतियां एक साथ चल रही हैं। इसलिए मुझे लगा कि बीजेपी ही वो सबसे अच्छी पार्टी है जो पंजाब को वापस प्रगति की ओर लेकर जा सकती है और इसीलिए मैं बीजेपी में शामिल हुआ।”
फूलका ने 2014 का लोकसभा चुनाव पंजाब के लुधियाना से ‘एएपी’ उम्मीदवार के रूप में लड़ा था लेकिन वे कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू से हार गए थे। बिट्टू अब बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री हैं। फूलका ने 2017 में पंजाब की दाखा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी।
वे 2017 में करीब तीन महीने तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों की पैरवी करने के लिए पद छोड़ दिया।