Aravalli Hills: अरावली पहाड़ियों की परिभाषा से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश आया है। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि सुनिश्चित करें अरावली क्षेत्र में अवैध खनन ना हो। अवैध खनन के परिणाम ऐसे होते हैं जिनको ठीक नहीं किया जा सकता। इस तरह की गतिविधियों के दूरगामी और गंभीर परिणाम होंगे। उच्चतम न्यायालय ने दोहराया- ‘अरावली को लेकर अलग-अलग फील्ड के और डोमेन एक्सपर्ट की कमेटी बनाएंगे। इस समिति में वैज्ञानिकों, पर्यावरण और वन क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा।”
अरावली रेंज को लेकर स्वतः मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “अब इसको लेकर नई याचिका दायर नहीं होनी चाहिए।” उच्चतम न्यायालय ने एमिकस क्यूरी से रिपोर्ट देने को कहा। कोर्ट चार सप्ताह बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा। उच्चतम न्यायालय ने कमेटी में शामिल होने वाले सदस्यों के नाम सुझाने को भी कहा गया.।
पीठ ने कहा कि समिति इस न्यायालय के निर्देशन और पर्यवेक्षण में काम करेगी। उच्चतम न्यायालय ने अपने उस आदेश को भी बढ़ा दिया, जिसमें अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की एक समान परिभाषा को स्वीकार करने वाले 20 नवंबर के निर्देशों को स्थगित रखा गया था।