कृष्ण जन्माष्टमी 2020: जाने तिथि और पूजा का सही समय

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है और इसे हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है. जन्माष्टमी तिथि हर साल हिंदू पंचांग के अनुसार बदलती रहती है। इस वर्ष, कृष्ण जन्माष्टमी 2020 को 11 अगस्त मंगलवार को मनाया जाएगा। कृष्ण जन्माष्टमी, जिसे गोकुलाष्टमी, श्रीकृष्ण जयंती या सिर्फ जन्माष्टमी भी कहा जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष भगवान कृष्ण की 5247 वीं जयंती मनाई जाएगी। इस बार तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस बार अष्टमी तिथि में रोहिणी नक्षत्र संयोग नहीं बन रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक, गृहस्थ लोग 11 अगस्त को जबकि वैष्णव (साधु-संत) 12 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे।

कृष्ण जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त

कृष्ण जन्माष्टमी मंगलवार, अगस्त 11, 2020 को

निशिता पूजा का समय – 12:05 ए एम से 12:47 ए एम, अगस्त 12

अवधि – 00 घण्टे 43 मिनट्स

पारण समय – 11:16 ए एम, अगस्त 12

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा की विधि

स्नान करने के बाद पूजा प्रारंभ करें. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बालस्वरूप की पूजा का विधान है. पूजा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान को पंचामृत और गंगाजल से स्नान करवाएं. इसके बाद नए वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार करें. भगवान को मिष्ठान और उनकी प्रिय चीजों से भोग लगाएं. भोग लगाने के बाद गंगाजल अर्पित करें. इसके बाद कृष्ण भगवान की आरती करे.

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत नियम

जन्माष्टमी व्रत के नियमों के अनुसार, जन्माष्टमी से पहले केवल एक ही भोजन करना चाहिए। उपवास के दिन, भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और अगले दिन इसे तोड़ते हैं। जन्माष्टमी व्रत के दौरान किसी भी अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।

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