5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा ,जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

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आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। यह उत्सव गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाता है। इस साल यह पर्व 05 जुलाई को मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा के मौके पर चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। कल सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर चंद्र ग्रहण लगेगा. हालांकि यह चंद्रग्रहण उपछाया चंद्रग्रहण होगा. उपछाया चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चांद के बीच तो आती है लेकिन ये तीनों एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं. यह चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार 9 बजकर 59 मिनट पर अपने चरम पर होगा तथा 11 बजकर 22 मिनट पर ख़त्म हो जाएगा. इस ग्रहण की अवधि 2 घंटे 43 मिनट की होगी.

गुरु पूर्णिमा कब है?
हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हर साल जुलाई के महीने में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है और इस साल गुरु पूर्णिमा 5 जुलाई को मनाई जाएगी.

गुरु पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त
गुरु पूर्णिका की तिथि: 5 जुलाई
गुरु पूर्णिमा प्रारंभ: 4 जुलाई 2020 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट से
गुरु पूर्णिमा तिथि सामप्‍त: 5 जुलाई 2020 को सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक

गुरु पूर्णिमा का महत्‍व
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुओं की पूजा करने का विशेष महत्व है. बता दें गुरुओं की पूजा करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि उनकी कृपा से व्यक्ति कुछ भी हासिल कर पाता है. गुरुओं के बिना किसी भी व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती है. इस वजह से गुरुओं को भगवान से भी ऊपर का दर्जा प्राप्त है. पुराने वक्त में गुरुकुल में रहने वाले छात्र गुरु पूर्णिमा के मौके पर अपने गुरुओं की विशेष रूप से पूजा-अर्चना किया करते थे. हर साल गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु में आती है. इस मौसम को काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान न तो ज्यादा सर्दी होती है और न ही गर्मी. इस दिन केवल गुरु ही नहीं बल्कि घर में अपने बड़ों जैसे माता-पिता, भाई-बहन आदि का आशीर्वाद लिया जाता है.

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