Cyber Crime: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के द्वारा साइबर अपराध पर प्रभावी रोकथाम किए जाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्देशों के अनुपालन में राजीव कृष्ण पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं जन-जागरूकता को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में सम्मिलित किया गया है। इसी क्रम में उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश स्तर पर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा स्वयं 11 परिक्षेत्र-स्तरीय साइबर जागरूकता कार्यशालाओं में ऑनलाइन प्रतिभाग करते हुए 25 से अधिक जनपदों के 01 लाख से अधिक आमजन, छात्र-छात्राओं, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी वर्ग तथा अन्य विभिन्न वर्गों के लोगों को साइबर अपराधों के नवीन तरीकों, उनसे बचाव तथा सतर्कता के उपायों के संबंध में प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया है।
इसी क्रम में आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क एवं जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक प्रभावशाली साइबर जागरूकता लघु फिल्म का निर्माण किया गया है। यह लघु फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई उस वास्तविक घटना पर आधारित है, जिसमें एक जागरूक नागरिक ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही साइबर ठगी की कोशिश को सूझबूझ से विफल कर दिया।
इस लघु फिल्म में मशहूर फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने जागरूक नागरिक का, नाना पाटेकर की पत्नी का रोल अभिनेत्री लीना शर्मा, ठग साइबर इन्स्पेक्टर का रोल अभिनेता किशोर सोनी और असली पुलिस इन्स्पेक्टर का रोल अभिनेता आदिल ईरानी द्वारा सशक्त और प्रभावशाली रूप से निभाया गया है। इसका निर्देशन प्रख्यात फिल्म निर्देशक राज शांडिल्य द्वारा किया गया है, जिन्होंने इससे पूर्व ड्रीम गर्ल एवं ड्रीम गर्ल 2 जैसी सफल एवं लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी रचनात्मक दृष्टि के माध्यम से इस लघु फिल्म में साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों को सरल, रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
उक्त लघु फिल्म के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है, तथा किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने वाली कॉल, वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन भुगतान की मांग साइबर ठगी का संकेत हो सकती है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की यह पहल साइबर अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने, नागरिकों को सशक्त बनाने तथा सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। यह लघु फिल्म उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित की गई है।