West Asia: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के शीर्ष नेताओं से बात की और उनके साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। मोदी ने पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र में संघर्ष को कम करने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री मोदी ने पांच नेताओं से टेलीफोन पर अलग-अलग हुई बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है।
उन्होंने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने अपने भाई, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और उन्हें एवं कतर के लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।’’
उन्होंने दोहराया कि भारत कतर के साथ एकजुटता से खड़ा है और क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा, ‘‘(हमद अल थानी से बातचीत में) भारतीय समुदाय की सुरक्षा और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की। हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के पक्षधर हैं।’’
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।’’ एक अन्य पोस्ट में, मोदी ने कहा कि उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम क्षेत्र और उससे परे शांति व स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने को उत्सुक हैं।’’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने ‘‘अपने भाई सुल्तान हैतम बिन तारिक के साथ सार्थक बातचीत की और ओमान के लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘हम (क्षेत्र में) तनाव कम करने और उसके बाद शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर सहमत हुए।’’
प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ इब्राहिम के साथ बातचीत में, मोदी ने ईद को लेकर अपने मलेशियाई समकक्ष और मलेशिया के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद और कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति व स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।’’
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू करने और उसके जवाब में ईरान द्वारा कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये जाने के बाद से, ओमान के सुल्तान के साथ मोदी ने दूसरी बार बातचीत की। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, इजराइल और ईरान सहित विश्व के कई नेताओं से भी बात की है।