Gujarat: गुजरात में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अचानक बंद होने से खानपान और आतिथ्य क्षेत्र गंभीर संकट का सामना कर रहा है।
गुजरात होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष और गुजरात के सभी खानपान संघों के प्रमुख नरेंद्र सोमानी ने पीटीआई को बताया कि जहां 80 फीसदी होटल और रेस्टोरेंट वर्तमान में बिना किसी रुकावट के अडाणी गैस पर चल रहे हैं, वहीं लगभग 20 फीसदी अभी भी सिलेंडरों पर निर्भर हैं और उनकी आपूर्ति कल रात से बंद है।
सोमानी ने बताया कि आपूर्तिकर्ताओं ने उन्हें केंद्र सरकार के उस निर्देश के बारे में सूचित किया है जिसमें व्यावसायिक सिलेंडरों की बिक्री पूरी तरह से बंद करने और घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है।
उन्होंने कहा, “सबसे ज्यादा प्रभावित खानपान उद्योग है। गैस सिलेंडरों के बिना कोई भी समारोह, चाहे छोटा हो या बड़ा, नहीं हो सकता। आउटडोर कैटरर्स एक या दो समारोहों के लिए ही सिलेंडर स्टॉक कर सकते हैं और अब उनकी पक्की बुकिंग भी खतरे में हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि इस स्थिति से व्यापक बेरोजगारी हो सकती है क्योंकि प्रत्येक शादी या समारोह में आमतौर पर 200-300 लोगों को रोजगार मिलता है। बताया जा रहा है कि पूरे भारत के कैटरर्स ने संकट में सरकार से तत्काल दखल की अपील की है।
उद्योग बढ़ती लागतों से भी जूझ रहा है। सोमानी ने मिनरल वाटर की बोतलों का उदाहरण देते हुए बताया कि कच्चे माल की लागत में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिसके चलते कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने अनुमान लगाया कि उद्योग की कुल लागत 15-20 फीसदी तक बढ़ सकती है, जबकि खानपान की दरों में पहले ही 10 फीसदी की वृद्धि देखी जा रही है।
केंद्र और राज्य सरकारों को पत्र भेजकर आपूर्ति संकट को दूर करने का आग्रह किया गया है।
सोमानी ने चेतावनी देते हुए कहा, “यह सिर्फ महंगाई का मामला नहीं है; यह रोजगार पैदा करने वाले उद्योग के अस्तित्व का सवाल है। अगर आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।”