Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के गुरु राम राय दरबार साहिब में सालाना झंडा मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ये मेला सिखों के सातवें गुरु, गुरु हर राय के बड़े बेटे, गुरु राम राय जी के जन्मोत्सव पर आयोजित होता है।
हालांकि, इस साल के उत्सव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। परंपरागत रूप से साल की लकड़ी के बजाय इस बार लोहे का विशाल ध्वजदंड बनाया गया है, ये ध्वजदंड अनुष्ठान के दौरान खड़ा किया जाता है।
झंडा मेला प्रशासन के प्रबंधक विजय गुलाटी ने बताया कि “सिखों के गुरू, सातवें गुरू, गुरू हर राय जी के ज्येष्ठ पुत्र गुरु राम राय जी का जन्म 1646 में मंगलवार होली के पांचवें दिन किरतपुर साहिब में होशियारपुर में हुआ था। इसके बाद 1676 में ये बड़े चमत्कारी पुरूष थे, इनके अंदर बहुत शक्तियां थीं और 1676 में इन्होंने अपना डेरा देहरादून में डाला था। 1676 से ये दरबार में जब इन्होंने अपने ध्वज दंड स्थापित किया तब से ये झंडे का मेला आज तक चला आ रहा है। इनका जो 380वीं, 1646 में इनका जन्म हुआ था। 380वीं इनका जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।”
पारंपरिक रूप से पवित्र झंडे को श्रद्धालुओं के अर्पित किए गए कपड़ों के कई आवरणों से ढका जाता है। कई श्रद्धालुओं ने इस साल लोहे के ध्वजदंड का इस्तेमाल करने के फैसले पर खुशी जताई, क्योंकि इससे साल के पेड़ों को बचाने में मदद मिलेगी। झंडा मेला रविवार से शुरू होगा। मेले में देश भर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।