Stock market: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए।
चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 899 अंक चढ़कर करीब 80,016 पर जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 285 अंक बढ़कर करीब 24,766 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में अडाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड सबसे ज्यादा बढ़े जबकि टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा गिरे।
बाजार विशेषज्ञ पुरातन भारती ने बताया कि “बाजार में 700 अंकों का एक बड़ा दायरा है, जिसमें बाजार 24,300 से 25,000 के स्तर के बीच उतार-चढ़ाव कर रहा है। इसका मतलब है कि ये अभी भी एक अस्थिर क्षेत्र है। एक बुरी खबर बाजार में गिरावट को बढ़ाती है और एक अच्छी खबर गिरावट को कम करने में मदद करती है। आज बाजार में तेजी देखी गई, ज्यादातर सेक्टर और शेयर बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन ये तेजी आने पर बेचने जैसी स्थिति लग रही है। इस तेजी का कारण क्या था? कुछ गुप्त बातचीत चल रही है, जिसका सही-गलत पता तो समय ही बताएगा।”))
क्षेत्रीय स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक को छोड़कर, बाकी सभी सूचकांकों में बढ़त देखी गई। सभी एशियाई बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी पिछले सत्र में 12 फीसदी से ज्यादा गिरने के बाद 9.5 प्रतिशत की तेजी पर पहुंच गया। जापान का निक्केई, हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट भी बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोप के बाजार बढ़त के दायरे में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को चढ़कर बंद हुए, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 8,752 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे।