Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है, अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिनमें ईरान के कई शहर निशाने पर आए। आज फिर ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं। हालात लगातार बदल रहे हैं और क्षेत्र में संभावित बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ गया है, नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जारी है।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में धमाकों की खबरें सामने आई हैं, स्थानीय मीडिया और सूत्रों के अनुसार शहर में अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं, जिससे नागरिकों में डर और चिंता बढ़ गई। पहले की खबरों के अनुसार, पड़ोसी कतर की राजधानी दोहा में भी आधा दर्जन से अधिक धमाके सुने गए थे।
इस्राइली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान ने फिर से मिसाइलें इस्राइल की ओर भेजी हैं और इसकी वायु रक्षा प्रणाली उन प्रक्षेपणों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस्राइली सेना ने नागरिकों से अलर्ट और सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है, जब तक कि स्थिति नियंत्रण में आ जाए।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को बदलकर ‘इस्राइल फर्स्ट’ बना दिया है और इस प्रक्रिया में अमेरिकी सैनिकों को इस्राइल की महत्वाकांक्षाओं के लिए बलिदान कर दिया।
लारिजानी ने एक्स पर लिखा ‘ट्रंप ने अपनी भ्रमपूर्ण कल्पनाओं से पश्चिम एशिया को अराजकता में डाल दिया है और अब अमेरिकी हताहतों के बढ़ने का डर महसूस कर रहे हैं। अमेरिकी सैनिक और उनके परिवार इसका भारी मूल्य चुकाएंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए संरक्षण और आत्मरक्षा जारी रखेगा और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।