Gulmarg: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुलमर्ग में कृत्रिम हिमपात की पैरवी की

Gulmarg:  जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुलमर्ग में पर्यटन को बढ़ावा देने और इसे शीतकालीन खेलों के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए यहां कृत्रिम बर्फबारी कराने की सोमवार को वकालत की।

उमर ने छठे ‘खेलो इंडिया’ शीतकालीन खेल (केआईडब्ल्यूजी) के उद्घाटन समारोह से इतर मीडियाकर्मियों से से बातचीत में कहा कि गुलमर्ग भारत में शीतकालीन खेलों के लिए सबसे प्रमुख स्थान बना हुआ है, लेकिन मौसम के बदलते मिजाज के मद्देनजर बुनियादी ढांचे में बदलाव की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “गुलमर्ग का छठी बार शीतकालीन खेलों की मेजबानी करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे पता चलता है कि देश में शीतकालीन खेलों के लिए गुलमर्ग से बेहतर कोई जगह नहीं है। हालांकि, हकीकत यह है कि मौसम का मिजाज बदल रहा है। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि फरवरी में गुलमर्ग में इतनी गर्मी होगी। यह एक सच्चाई है और हमें इसे स्वीकार करना होगा। हम इसके अनुरूप जरूरी कदम उठाएंगे।”

उन्होंने कहा कि मौसम का मिजाज बदल रहा है और यह बेहद अप्रत्याशित हो गया है, जिसके मद्देनजर सरकार को शीतकालीन खेलों के बुनियादी ढांचे के लिए दीर्घकालिक योजना पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

उमर ने कहा, “दुनियाभर में जहां भी शीतकालीन खेल आयोजित होते हैं, वे कृत्रिम बर्फबारी के बिना संभव नहीं हैं। इटली के कोर्टिना में कल समाप्त हुए शीतकालीन ओलंपिक भी इसके बिना आयोजित नहीं हो सकते थे। 1970 के दशक से यह सिद्ध हो चुका है कि कृत्रिम बर्फबारी हर शीतकालीन ओलंपिक के लिए अनिवार्य है।”

उन्होंने गुलमर्ग में भी इसी तरह की प्रणाली कायम करने का वादा किया, ताकि खिलाड़ियों और पर्यटन क्षेत्र दोनों को सहयोग मिल सके।

उमर ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन जम्मू कश्मीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि शीतकालीन खेल लैंगिक असमानताओं को पाटने का एक प्रभावी तरीका हैं। इसमें पुरुष और महिलाएं लगभग हर स्पर्धा में तकरीबन समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

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