Tulip Festival: नई दिल्ली में नीदरलैंड राजदूत के घर का बगीचा वसंत के रंग में सराबोर था, यहां लगभग 50,000 ट्यूलिप खिले थे, पूरे परिसर में रंग-बिरंगे फूलों की बहार थी।
यहां लगातार दूसरे साल ट्यूलिप महोत्सव मनाया गया। राजदूत मारिसा जेरार्ड्स और उनके पति पीटर कूनोप ने मेहमानों का जी खोलकर स्वागत किया। ये आयोजन भारत और नीदरलैंड के बीच गहरे और मधुर रिश्तों का जश्न था।
उन्होंने उन बारीकियों और सावधानी से बनाई गई योजना की भी तारीफ की, जिनकी वजह से राजधानी दिल्ली के मौजूदा तापमान में ट्यूलिप की बहार लाने में कामयाबी मिली।
जिस तरह भारत में ‘कमल’ का गहरा सांस्कृतिक महत्व है, उसी तरह ‘ट्यूलिप’ नीदरलैंड के गौरव का प्रतीक है। ये फूल उम्मीद और वसंत के आगमन का प्रतिनिधित्व करता है।
दुनिया भर में ट्यूलिप के 3,000 से ज्यादा मानक किस्म हैं। इसकी शुरुआत मध्य एशिया में हुई थी। 16वीं सदी में इसका विस्तार यूरोप में हुआ। इस इतिहास के साथ ट्यूलिप के फूल लंबे समय से डच पहचान का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।