West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ‘युवा साथी’ बेरोजगारी भत्ता योजना को अगस्त में शुरू करने के बजाय एक अप्रैल से लागू करेगी। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि इस योजना के तहत “शिक्षित बेरोजगार युवाओं” को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा।
योजना को आगे बढ़ाने के फैसले के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “हमने एक अप्रैल से इसका वितरण शुरू करने का फैसला किया है क्योंकि वित्तीय वर्ष अप्रैल से शुरू होता है।” राज्य में विधानसभा चुनाव तीन महीने से भी कम समय में होने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे (अंतरिम) राज्य बजट में हमने तीन से चार योजनाओं की घोषणा की थी। ‘युवा साथी’ कार्यक्रम उन लोगों के लिए है जिन्होंने माध्यमिक (कक्षा 10 राज्य बोर्ड) परीक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी आयु 21-40 वर्ष है।”
उन्होंने ये भी कहा कि योजना के लाभार्थी मौजूदा छात्रवृत्तियों के लिए पात्र बने रहेंगे। बनर्जी ने कहा, “वे किसी भी छात्रवृत्ति, ऐक्यश्री, मेधाश्री, ‘शिक्षाश्री’ जैसी स्मार्ट कार्ड योजनाओं और स्वामी विवेकानंद योग्यता-सह-छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगे।” हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग छात्रवृत्ति के अलावा राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत पहले से ही लाभ प्राप्त कर रहे हैं, वे ‘युवा साथी’ योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, “यदि वे किसी अन्य योजना के तहत धनराशि प्राप्त नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें नौकरी मिलने तक 1,500 रुपये दिए जाएंगे। पांच साल बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।” आवेदन प्रक्रिया की रूपरेखा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ‘दुआरे सरकार’ आउटरीच कार्यक्रम की तर्ज पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन करेगा।
ऑनलाइन आवेदन स्वीकार न करने के कारण बताते हुए बनर्जी ने कहा, “सत्यापन और सर्वेक्षण में कुछ समय लगेगा और इस प्रक्रिया में कुछ लोग वंचित रह सकते हैं। हमारे पास लक्ष्मी भंडार और कृषक बंधु योजनाओं के तहत लाभार्थियों की पूरी सूची है।”
ये शिविर 15 से 26 फरवरी तक सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच आयोजित किए जाएंगे, जहां आवेदक दस्तावेज जमा कर सकते हैं और मौके पर ही पावती रसीद प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि इस प्रक्रिया में कई विभाग शामिल होंगे, बनर्जी ने कहा कि योजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किए जाएंगे।