Pappu Yadav: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और उनके 20 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाना में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार सभी पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है. बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान हुए एक घटनाक्रम को लेकर विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. एफआईआर में पप्पू यादव के साथ 20 अज्ञात समर्थकों को भी नामजद किया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
बिहार की राजनीति में शुक्रवार रात उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई करीब तीन दशक पुराने मकान विवाद से जुड़े मामले में हुई है. आरोप है कि वर्ष 1995 में वह पटना स्थित एक मकान में किरायेदार के तौर पर रहने गए थे, लेकिन बाद में उसी जगह पर कार्यालय खोलकर कब्जा कर लिया. इस संबंध में मकान मालिक ने उस समय प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
बताया गया है कि कोर्ट ने इस केस में कई बार समन जारी कर उन्हें पेश होने को कहा, लेकिन वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद अदालत ने हाल ही में उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया और गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया. कोर्ट के निर्देश के बाद पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हई. रात उन्हें पुलिस सेल में रखा गया और अगले दिन अदालत में पेश करने की तैयारी की गई.
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता आगे क्या होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि NEET छात्रा के मुद्दे को उठाने की वजह से बिहार सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की ओर से उन पर दबाव बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि वे झुकने वाले नहीं हैं, चाहे परिणाम कुछ भी हो. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेरा, जिससे उन्हें खतरे का अंदेशा हुआ. उनके अनुसार लोकसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए पटना पहुंचे थे. उन्होंने सफाई दी कि मामला बहुत पुराना है और जमानत की प्रक्रिया टूटने के कारण उन्हें बुलाया गया था. पप्पू यादव ने कहा कि वे सच के रास्ते पर डटे रहेंगे और किसी दबाव में नहीं आएंगे.