Kerala: शबरिमला से सोना चोरी मामले में यूडीएफ ने विधानसभा में किया विरोध, लगाए ये आरोप

Kerala: केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शबरिमला से सोना गायब होने के मामलों की एसआईटी (विशेष जांच दल) जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय के कथित ‘‘हस्तक्षेप’’ को लेकर विधानसभा में विरोध करते हुए कहा कि वह सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने अध्यक्ष ए. एन. शमसीर को यूडीएफ के इस फैसले की जानकारी दी।

सतीशन ने आरोप लगाया कि एसआईटी जांच कहीं नहीं पहुंच रही और ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं जिससे शबरिमला से सोना गायब होने के दो मामलों के गिरफ्तार आरोपी जेल से जमानत पर आसानी से बाहर आ सकें। उन्होंने कहा कि जल्द ही मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीआई (एम) के गिरफ्तार तीन नेता भी जमानत पर रिहा हो जाएंगे।

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘ये सब मुख्यमंत्री कार्यालय के दबाव और हस्तक्षेप के कारण हो रहा है। इसलिए हम आपको (अध्यक्ष) सूचित करना चाहते हैं कि हम अपना विरोध सदन में लाकर इसे तेज कर रहे हैं और विधानसभा की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे।’’

विपक्षी विधायक सदन के बीचों-बीच आ गए और अध्यक्ष के मंच के सामने तख्तियां दिखाईं। कुछ तख्तियों में दावा किया गया कि माकपा दोनों मामलों के आरोपियों को बचा रही है और वामपंथी नेताओं ने भगवान अयप्पा का सोना चुराया है।

विपक्ष के विरोध के बीच सदन का प्रश्नकाल जारी रहा। विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि सदन की कार्यवाही में सहयोग न करना यूडीएफ की गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है। विपक्ष ने अपना विरोध तब और तेज कर दिया जब सोमवार को सर्तकता अदालत ने सोना गायब होने के दोनों मामले में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अधिकारी डी. सुधीश कुमार को जमानत दे दी।

इस मामले में बोर्ड के दो पूर्व अधिकारी बी. मुरली बाबू और एस. एस. श्रीकुमार पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं। श्रीकुमार को मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) के कपाट से सोना गायब होने के दूसरे मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।

वहीं, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी एक मामले में जमानत मिल चुकी है और दूसरे में राहत मिलते ही वह भी जेल से बाहर आ जाएगा। ये मामला मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) की चौखट और द्वारपाल की मूर्तियों पर लगी सोने की परतों के गायब होने से जुड़ा है।

इस पूरे मामले में पुलिस का विशेष जांच दल अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है।

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