Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में सिंगरायकोंडा के किसान शेख सुभानी ने महज डेढ़ एकड़ खेत में धान की खेती में नई और अनोखी क्रांति की शुरुआत की है। पिछले पांच साल में, उन्होंने जैविक और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से चावल की 110 देसी और विलुप्तप्राय किस्में उगाई हैं।
उनका कहना है कि इस पहल का मकसद डायबिटीज जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। उनके मुताबिक बीमारी की मुख्य वजह खेती में रसायन और खाने में मिलावट है।
प्राकृतिक खेती की राह पर चल रहे सुभानी बताते हैं कि लगभग 50 हजार रुपये की लागत से वे करीब डेढ़ लाख रुपये तक कमाई कर लेते हैं। अब वे साथी किसानों के बीच रोल मॉडल बन चुके हैं, जिनमें पारंपरिक खेती और खान-पान के स्वस्थ तरीकों के प्रति दिलचस्पी जागी है।