T20 World Cup: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने कहा कि चोटिल होने के कारण टी20 विश्व कप से बाहर होने का उनका फैसला आगामी टेस्ट सत्र के लिए पूरी तरह से फिट होने की इच्छा से भी प्रेरित था, जिसमें वे सभी मैच खेलना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट और वनडे के कप्तान कमिंस पीठ की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाने के कारण टी20 विश्व कप से बाहर हो गए। उनकी जगह बेन ड्वार्शियस को टीम में शामिल किया गया है। टी20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू होगा।
कमिंस ने ‘ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘‘ये वाकई दुर्भाग्यपूर्ण था। मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं, बस एक मामूली सी परेशानी हुई और उससे उबरने के लिए समय कम पड़ गया। मैं कुछ हफ्तों तक आराम करूंगा और फिर आगे की योजना बनाऊंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एडिलेड टेस्ट मैच के बाद हमें पता था कि चोट को पूरी तरह से ठीक होने में चार से आठ सप्ताह का समय लगेगा। शुरू में हमें लगा था कि इसमें चार सप्ताह ही लगेंगे, क्योंकि मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा था, लेकिन अभी-अभी एक स्कैन करवाया है और चिकित्सकों का मानना है कि इसे पूरी तरह ठीक होने में कुछ सप्ताह और लगेंगे। इसलिए समय की थोड़ी कमी पड़ गई।’’
ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट मैचों का व्यस्त कार्यक्रम अगस्त से शुरू होगा, जब वे डार्विन और मैकाय में बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलेगा। इसके बाद वे सितंबर में टेस्ट और वनडे के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा।
ऑस्ट्रेलिया इसके बाद न्यूजीलैंड की मेजबानी करेगा और फिर पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर श्रृंखला के लिए भारत का दौरा करेगा। इसके बाद वे अगले साल मार्च में मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट के 150 साल पूरे होने पर गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच खेलेगा। इसके बाद इंग्लैंड में एशेज श्रृंखला, वनडे विश्व कप और जून में लॉर्ड्स में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल होगा।
कमिंस ने कहा, ‘‘हमने सोचा कि आगामी सत्र में क्रिकेट मैचों की संख्या को देखते हुए साल के पहले छह महीने में संयम बरतना काफी अच्छा रहेगा। चोट ठीक हो जाएगी और इसको लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। अगर मैं अभी इसको लेकर सतर्कता नहीं बरतता तो समस्या बढ़ सकती थी।’’
कमिंस को हालांकि उम्मीद है कि वे 26 मार्च से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी करने के लिए समय पर फिट हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम चोट की स्थिति के आधार पर ही निर्णय लेंगे। कुछ सप्ताह बाद एक और स्कैन होगा और अगर रिपोर्ट अच्छी रही तो हम धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या में सुधार करेंगे। टेस्ट मैचों की तुलना में टी20 मैचों के लिए तैयारी करना थोड़ा आसान होता है।’’