Kotdwar: 30 साल पुरानी दुकान पर विवाद, ‘बाबा’ नाम पर बवाल !

Kotdwar:  कोटद्वार में बजरंग दल और जिम संचालक दीपक के बीच हुआ विवाद जहां एक और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, इस विवाद ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है।

देवभूमि के कोटद्वार से उठा एक विवाद अब देश की राजधानी तक गूंज रहा है। एक 70 साल के बुजुर्ग की दुकान का नाम ‘बाबा’ होने पर शुरू हुई बहस, अब ‘नफरत के बाजार’ बनाम ‘मोहब्बत की दुकान’ की सियासी जंग बन चुकी है। जहाँ एक तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटद्वार के दीपक को ‘भारत का हीरो’ और ‘बब्बर शेर’ करार दिया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया कार्रवाई और बजरंग दल की शिकायतों ने मामले को और पेचीदा कर दिया है।

विवाद की शुरुआत 26 जनवरी को हुई, जब पटेल मार्ग पर 30 साल पुरानी ‘बाबा ड्रेस’ की दुकान के नाम पर कुछ हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। 70 साल के बुजुर्ग वकील अहमद को जब नाम बदलने की धमकियां मिलीं, तो बगल में जिम चलाने वाले दीपक कुमार उनके बचाव में उतर आए। भीड़ के बीच दीपक ने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर सबको चौंका दिया—एक ऐसी पहचान जो उनके मुताबिक नफरत के खिलाफ इंसानियत का जवाब थी।

लेकिन यह हौसला दीपक के लिए भारी पड़ गया। अब तक इस मामले में तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने दीपक और उनके साथियों पर शांति भंग और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, तो वहीं दीपक का कहना है कि उन पर हमला किया गया और अब उन्हें बेवजह थाने बुलाया जा रहा है।

जैसे ही राहुल गांधी ने दीपक को ‘संविधान और इंसानियत का योद्धा’ बताया, उत्तराखंड की सियासत में उबाल आ गया। कोटद्वार के पूर्व विधायक हरक सिंह रावत खुलकर दीपक के समर्थन में आ गए हैं और विरोध करने वालों पर सीधा हमला बोल रहे हैं। कोटद्वार का यह विवाद अब केवल एक दुकान के नाम तक सीमित नहीं रहा। यह लड़ाई अब विचारधाराओं की बन चुकी है। पुलिस ने अज्ञात प्रदर्शनकारियों से लेकर दीपक कुमार तक पर मुकदमे तो ठोक दिए हैं, लेकिन शहर के भाईचारे पर जो खरोंच आई है, उसे भरना बड़ी चुनौती होगी।

इस मामले पर पुलिस लगातार शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यूपी और उत्तराखंड के बोर्डर स्थित कौड़ियां चेक में लगातार चैकिंग कर रही है जिससे अराजकतत्व शहर में प्रवेश कर शहर की फिजा ना बिगाड़ सके। जिसमे आज एएसपी कोटद्वार चन्द्र मोहन सिंह ने नेतृत्व में पुलिस ने शहर में शांतिव्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैगमार्च निकाला।

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