Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार नौवां बजट पेश किया है, बजट भाषण खत्म होते ही आम लोगों की सबसे बड़ी जिज्ञासा इस बात को लेकर है कि अब कौन-कौन सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर खर्च बढ़ सकता है. इस बार वित्त मंत्री ने आम जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए हैं.
देश में शराब पीने वालों की संख्या काफी बड़ी है. ऐसे में शराब के दाम बढ़ने से सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा और उन्हें अपनी पसंदीदा शराब के लिए ज्यादा खर्च करना होगा. आज से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है, क्योंकि इन पर टैक्स और एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी गई है. नए नियमों के तहत 40% GST के साथ अतिरिक्त सेस और एक्साइज शुल्क जुड़ा है,
इसके साथ ही सिगरेट पर प्रति स्टिक शुल्क भी लागू किया गया है. इसका नतीजा यह होगा कि अब धूम्रपान करने वालों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 में शराब स्क्रैप और खनिजों की बिक्री पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर को 2% कर दिया गया है. जो पहले 1 प्रतिशत था
जरूरी दवाओं पर बड़ी राहत
बजट में स्वास्थ्य सेक्टर को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया है. इससे इलाज का खर्च कम होगा और लाखों मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा. सरकार का मानना है कि इन कदमों से स्वास्थय सेवाएं आम लोगों तक पहुंच में आएंगी और देश में समग्र स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा.
स्मार्टफोन और टैबलेट के दाम घट सकते हैं
सरकार ने मेक-इन-इंडिया पहल को आगे बढ़ाने के लिए देश में बने स्मार्टफोन और टेबलेट को लेकर राहत दी है. बजट के बाद ऐसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों में कमी आने की संभावना है. इससे एक ओर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्राहकों को कम कीमत पर आधुनिक तकनीक उपलब्ध हो सकेगी.
सरकार का मानना है कि इन घोषणाओं से न सिर्फ आम आदमी को राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य, खेल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी. कुल मिलाकर, बजट 2026 आम जनता के खर्च को कम करने और विकास को गति देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.