Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए विकास, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को सरकार की प्राथमिकता बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस ऐसी नीतियों पर है, जो देश की आर्थिक रफ्तार को तेज करें और हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाएं। इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, उद्योग, एमएसएमई और शहरी विकास जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े निवेश और नई योजनाओं का ऐलान किया गया। बजट में जहां एक ओर हाई-स्पीड रेल और जल मार्ग जैसी परियोजनाओं से कनेक्टिविटी मजबूत करने की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर बायो-फार्मा, टेक्सटाइल और केमिकल सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।
1. 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
देश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
2. बायो-फार्मा सेक्टर को 10,000 करोड़
बायो-फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे रिसर्च, वैक्सीन विकास और एडवांस्ड थैरेपी को मजबूती मिलेगी।
3. शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती
सरकार ने शुगर और कैंसर की कुछ जरूरी दवाओं को सस्ता करने की घोषणा की है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
4. बड़े टेक्सटाइल पार्क का निर्माण
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। इससे रोजगार सृजन और निर्यात में वृद्धि होगी।
5. शहरी आर्थिक क्षेत्रों के लिए 5,000 करोड़ प्रतिवर्ष
शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास पर हर साल 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शहरों में उद्योग और रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।
6. 20 नए जल मार्ग विकसित होंगे
लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 20 नए जल मार्ग (वॉटरवेज) विकसित करने की योजना है।
7. 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर
खनन और संबंधित उद्योगों को गति देने के लिए 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
8. 3 नए केमिकल पार्क
रसायन उद्योग को मजबूती देने के लिए 3 केमिकल पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे निवेश और उत्पादन बढ़ेगा।
9. एसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (SME) क्षेत्र को समर्थन देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
10. महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना
युवाओं और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना की शुरुआत की जाएगी।