Goa: गोवा के नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ के प्रवर्तकों के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा, हरियाणा और दिल्ली में छापे मारे। इसी नाइटक्लब में पिछले साल दिसंबर में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राजधानी दिल्ली के किंग्सवे कैंप में स्थित सौरभ और गौरव लूथरा बंधुओं के कार्यालय और आवास, हरियाणा के गुरुग्राम में तत्त्वम विला में सह-मालिक अजय गुप्ता का ठिकाना, इसके अलावा गोवा में अरपोरा-नागोआ के पूर्व सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के परिसर शामिल हैं। कम से कम नौ परिसरों पर तलाशी ली जा रही है
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, रेडकर और बागकर पर क्लब के लिए अवैध व्यापार लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने एवं सुविधा प्रदान करने का आरोप है।
एजेंसी के अधिकारी सुरिंदर कुमार खोसला के परिसर में भी मौजूद हैं, ताकि उस धन शोधन के पहलू की जांच की जा सके जो ‘खजान’ भूमि (विशिष्ट पारंपरिक कृषि भूमि जिसे आर्द्र दलदली भूमि को सुखाकर बनाया जाता है) के अवैध रूपांतरण से उत्पन्न हुआ है, जिस पर ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब स्थित है।
गोवा पुलिस ने खोसला के खिलाफ इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करवाया है क्योंकि वह भारत में मौजूद नहीं है। गोवा के अरपोरा गांव में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में छह दिसंबर 2025 को आग लग गई थी। इस घटना में लगभग 50 लोग भी घायल हो गए।
लूथरा बंधु घटना के कुछ घंटों बाद ही देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे। उन्हें करीब दस दिन बाद 17 दिसंबर 2025 को भारत वापस भेज दिया गया और वे फिलहाल गोवा पुलिस की हिरासत में हैं।