Karnataka High Court: कर्नाटक हाई कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाते हुए बाइक टैक्सी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। इसके साथ ही पूरे राज्य में बाइक टैक्सी सेवाएं फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले से उन हजारों राइडर्स और ड्राइवरों को राहत मिली है, जो रोज़गार और रोज़मर्रा के सफर के लिए बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं।
कर्नाटक के ट्रांसपोर्ट मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने पहले दिए गए सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें बाइक टैक्सी के संचालन पर रोक लगाई गई थी। हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक फैसले की आधिकारिक कॉपी नहीं मिली है।
मंत्री ने कहा,
“सिंगल जज बेंच ने बाइक टैक्सियों पर रोक लगाई थी। अब डिविजन बेंच ने उस आदेश को रद्द कर दिया है और रिट अपील को मंजूरी दे दी है। फैसले की कॉपी मिलने के बाद उसे पढ़कर आगे की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।”
उबर ने फैसले का किया स्वागत
राइड-हेलिंग कंपनी Uber ने हाई कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। कंपनी ने इसे कर्नाटक में यात्रियों के लिए बाइक टैक्सी को एक वैध और व्यावहारिक ट्रांसपोर्ट विकल्प के रूप में मान्यता बताया।
उबर की ओर से जारी बयान में कहा गया
“हम माननीय हाई कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं, जिसने कर्नाटक में बाइक टैक्सी को यात्रियों के ट्रांसपोर्ट के एक कानूनी माध्यम के रूप में मान्यता दी है।” कंपनी ने यह भी कहा कि वह राज्य सरकार के साथ मिलकर इस मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने और शहरों की ट्रांसपोर्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।
बेंगलुरु में ट्रैफिक से मिलेगी राहत
उम्मीद जताई जा रही है कि इस फैसले से खासकर बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। भारी ट्रैफिक जाम से जूझ रहे शहर में बाइक टैक्सी एक तेज और किफायती विकल्प के रूप में यात्रियों को राहत दे सकती है।
फिलहाल सभी की नजरें राज्य सरकार के अगले कदम और हाई कोर्ट के फैसले की आधिकारिक प्रति पर टिकी हुई हैं।