Amit Shah: उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का एक अलग अंदाज देखने को मिला, अपनी व्यस्तताओं और कड़े प्रोटोकॉल के बीच, अमित शाह अचानक हरिद्वार के निरंजनी अखाड़े स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंचे। खास बात यह रही कि गृहमंत्री ने अपना प्रोटोकॉल तोड़ा और एक सामान्य श्रद्धालु की तरह मंदिर में करीब 15 मिनट तक विशेष पूजा-अर्चना की।
उन्होंने मंदिर के सामने बह रही माँ गंगा को प्रणाम किया और काफी प्रसन्न नजर आए।मान्यता है कि इस सिद्ध पीठ में जो भी सच्चे मन से ‘अर्जी’ लगाता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। मंदिर के सचिव महंत राम रतन गिरी का कहना है कि गृहमंत्री ने यहाँ मत्था टेक कर देश और जनहित के लिए आशीर्वाद मांगा होगा ।महंत राम रतन गिरी सचिव, निरंजनी अखाड़ा ने कहा की गृहमंत्री जी प्रोटोकॉल छोड़कर यहाँ दर्शन करने पहुंचे। यह एक सिद्ध पीठ है और यहाँ सबकी मनोकामना पूरी होती है। उन्होंने करीब 15 मिनट पूजा की और गंगा जी को प्रणाम किया। निश्चित रूप से उन्होंने यहाँ अपनी कोई विशेष अर्जी लगाई होगी।”
अमित शाह यहां बैरागी कैंप में चल रहे शान्तिकुंज के शताब्दी समारोह का दीपप्रज्जवित कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोग पहले हिंदूत्व की बात करने से डरते थे और आज हिंदुत्व का नारा गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान है। कहा कि पंडित राम शर्मा ने हर जाति हर समाज और लिंग भेद के बगैर गायत्री मंत्र के माध्यम से हर आत्मा को कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का रास्ता दिखाया।
इसके साथ ही अमित शाह ने पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के उद्घाटन समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज करोड़ों लोगों को गायत्री मंत्र के साथ, गायत्री उपासना के साथ, गायत्री साधना के साथ पंडित राम शर्मा ने जोड़ा उन करोड़ों लोगों की जिम्मेदारी है कि चिनमय भाई के नेतृव में सौ साल में नई ऊर्जा और जोश के साथ हम आगे बढ़ें।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पंडित राम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का काम किया। उनके आंदोलन के तहत 15 करोड़ से ज़्यादा फॉलोअर्स आध्यात्मिकता के रास्ते पर चल रहे हैं और आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है। 1925-26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष था और उसी वर्ष, संघ परिवार की स्थापना हुई थी।