Uttar Pradesh: प्रयागराज शहर के सिविल लाइंस इलाके में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। केपी कॉलेज के पास मेडिकल चौराहे के नजदीक स्थित एक तालाब में भारतीय वायुसेना का टू-सीटर माइक्रोलाइट ट्रेनी विमान एम-116 गिर गया। विमान के अनियंत्रित होते ही दोनों ट्रेनी पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए पैराशूट के सहारे छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संगम की ओर से आ रहा विमान अचानक हवा में लड़खड़ाने लगा। खतरे को भांपते हुए पायलट जे.के. पांडेय और प्रवीन अग्रवाल ने विमान के गिरने से ठीक पहले बाहर निकलकर तालाब में लैंडिंग की। विमान तालाब के बीचों-बीच गिरा, लेकिन पानी होने के कारण उसमें आग नहीं लगी।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका
विमान गिरते ही तेज आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद स्थानीय युवाओं ने बिना देरी किए तालाब में छलांग लगा दी और दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तालाब में भारी मात्रा में जलकुंभ मौजूद होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण था, इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए राहत कार्य को सफल बनाया।
कोई जनहानि नहीं, पायलट सुरक्षित
घटना की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पायलटों को प्राथमिक उपचार के लिए एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि यह वायुसेना का टू-सीटर माइक्रोलाइट एयरक्रॉफ्ट था, जो नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
भीड़भाड़ वाले इलाके में टला बड़ा हादसा
जिस स्थान पर विमान गिरा, वह केपी कॉलेज और रोडवेज बस स्टेशन के बीच स्थित है। हादसे के समय कॉलेज में सैकड़ों छात्र मौजूद थे और बस स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ थी। पायलटों की सूझबूझ और समय पर लिया गया फैसला कई लोगों की जान बचाने में अहम साबित हुआ।
भारतीय वायुसेना का आधिकारिक बयान
भारतीय वायुसेना ने बयान जारी कर बताया कि “ 21 जनवरी 2026 को दोपहर 12:15 बजे बमरौली वायु सेना स्टेशन से उड़ान भरते समय माइक्रोलाइट विमान में तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने विमान को निर्जन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से उतारा। दोनों पायलट सुरक्षित हैं और नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हादसे के कारणों की जांच के लिए समिति गठित की गई है।”