Rani Kapur: दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा विरासत विवाद अब और गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब उनकी 80 वर्षीय मां रानी कपूर भी खुलकर सामने आ गई हैं। रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर पर धोखाधड़ी और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
रानी कपूर की याचिका में रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट की वैधता को चुनौती दी गई है। उनका आरोप है कि यह ट्रस्ट धोखे से उनके नाम पर बनाया गया, लेकिन इसका असली उद्देश्य परिवार की संपत्ति पर अवैध रूप से नियंत्रण हासिल करना था। रानी कपूर ने प्रिया कपूर को इस कथित साजिश का “मुख्य मास्टरमाइंड” बताया है।
याचिका में दावा किया गया है कि संजय कपूर के निधन के बाद 13 दिन के शोक काल के दौरान ही प्रिया कपूर ने तेजी से कदम उठाते हुए सोना ग्रुप और कपूर परिवार की अन्य प्रमुख होल्डिंग्स पर नियंत्रण पाने की कोशिश की। रानी कपूर का आरोप है कि प्रिया और कुछ अज्ञात लोगों ने मिलकर उन्हें उनके वैध हिस्से से वंचित करने के लिए गलत और गैर-कानूनी तरीके अपनाए।
रानी कपूर ने कोर्ट से स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है, ताकि प्रिया कपूर और अन्य लोग कथित ट्रस्ट की ओर से कोई भी कार्रवाई न कर सकें और उसकी संपत्तियों का इस्तेमाल न हो। इसके साथ ही उन्होंने ट्रस्ट को धोखाधड़ीपूर्ण और अमान्य घोषित करने की भी अपील की है।
गौरतलब है कि ऑटो-पार्ट्स कंपनी सोना कॉमस्टार के पूर्व चेयरमैन संजय कपूर का जून 2025 में 53 वर्ष की उम्र में पोलो मैच के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। उनकी दूसरी पत्नी, अभिनेत्री करिश्मा कपूर से उनके दो बच्चे समायरा और कियान हैं। करिश्मा कपूर के बच्चों ने भी उस वसीयत को चुनौती दी है, जिसमें कथित तौर पर संजय कपूर की अधिकांश निजी संपत्ति प्रिया कपूर और उनके बच्चों को दी गई है। उनका आरोप है कि पेश की गई वसीयत संदिग्ध है और संभवतः जाली हो सकती है।
अब इस विरासत विवाद में संजय कपूर की मां की एंट्री के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। रानी कपूर ने दावा किया है कि उन्हें बेटे की मौत के बाद तक वसीयत की जानकारी नहीं दी गई थी और उन्होंने करिश्मा कपूर के बच्चों के उस दावे का समर्थन किया है कि वसीयत की उत्पत्ति संदेह के घेरे में है।
इतना ही नहीं, रानी कपूर ने अपने बेटे की असमय मौत को लेकर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि संजय कपूर की मृत्यु संदिग्ध और अस्पष्ट परिस्थितियों में हुई, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह मामला अब न सिर्फ संपत्ति विवाद बल्कि कानूनी और पारिवारिक संघर्ष का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है।