Kerala: राहुल गांधी ने BJP पर सत्ता के केंद्रीकरण का लगाया आरोप, निकाय चुनाव में UDF की जीत को सराहा

Kerala: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सत्ता के केंद्रीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां स्थानीय निकाय चुनाव में निर्वाचित हुए कांग्रेस सदस्यों की एक ‘महापंचायत’ में ये भी कहा कि कांग्रेस त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 73वां और 74वां संवैधानिक संशोधन लेकर आई।

कांग्रेस नेता ने ये आरोप भी लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार ने मनरेगा पर “हमला” किया, क्योंकि इसे स्थानीय संस्थानों के माध्यम से लागू किया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान की रक्षा का मतलब जमीनी स्तर पर विकेंद्रीकृत शासन की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत ये है कि वोट नागरिकों की आवाज है और इस आवाज की रक्षा की जानी चाहिए। राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी और आरएसएस केंद्रीकरण के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस विकेंद्रीकरण की समर्थक है।

उन्होंने कहा, “वे भारत के लिए लोगों से अनुपालना चाहते हैं, न कि भारत के लोगों की आवाज।” एक पुरस्कार समारोह में अनुभवी मलयालम लेखिका एम. लीलावती के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 98 वर्षीय लेखक ने “चुप्पी की संस्कृति” के बारे में बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के वैचारिक हमले का मकसद चुप्पी साधने के लिए विवश करना है।

उन्होंने कहा, “वे चाहते हैं कि भारत चुप रहे। वे नहीं चाहते कि भारत अपनी बात व्यक्त करे। वे इस देश की संपत्ति को कुछ व्यापारिक घरानों को सौंपना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि देश की संपत्ति को कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में केंद्रित करने के लिए लोगों को चुप कराना जरूरी है।

हालांकि, राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि केरल के लोगों को चुप नहीं कराया जा सकता है और वे चुनाव के माध्यम से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने केरल में स्थानीय निकाय चुनावों विशेषकर पंचायत स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को भी बधाई दी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ ने स्थानीय स्वशासन के सभी स्तरों पर शानदार प्रदर्शन किया और पंचायतों के नतीजों पर खुशी व्यक्त की। गांधी ने कहा कि दिल्ली में कुछ बैठकों के दौरान वरिष्ठ नेताओं की अलग-अलग राय थी, लेकिन उन्हें विश्वास था कि कांग्रेस स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनाव जीतेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ नेतृत्व के सामने बड़ा सवाल यह है कि जीतने के बाद वे क्या करेंगे। उन्होंने कहा, ”राज्य में बेरोजगारी की बहुत बड़ी समस्या है और यूडीएफ और कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा।”
उन्होंने विश्वास जताया कि यूडीएफ नेतृत्व में लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें पूरा करने की क्षमता है। गांधी ने कहा कि किसी भी सरकार को सफल होने के लिए उसे लोगों के करीब होना चाहिए और उनके साथ जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस और यूडीएफ नेतृत्व विनम्र रहेगा और जनता से जुड़ा रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *