सेना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सेना के सभी जवानों, अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा में सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान की सराहना की।
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना राष्ट्र की सुरक्षा की मजबूत ढाल है और हर परिस्थिति में देशवासियों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक कठिन से कठिन हालात में भी कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और मानवीय सहायता अभियानों में भारतीय सेना के अतुलनीय योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सेना का सेवा भाव और पेशेवर दक्षता देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करती है।
उन्होंने सैनिकों के परिवारों के त्याग और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना जवानों का यह समर्पण संभव नहीं होता। राष्ट्रपति ने कहा कि पूरा देश सेना के साहस और बलिदान के प्रति कृतज्ञ है।
अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय सेना का अनुशासन, निष्ठा और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्र सदैव अपने वीर सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।